رَّبِّ اَعُوۡذُ بِکَ مِنۡ ھَمَزٰتِ الشَّیٰطِیۡنِ ۙ واَعُوۡذُ بِکَ رَبِّ اَنۡ یَّحۡضُرُوۡن ؕ۔
بِسۡمِ اللّٰهِ الرَّحۡمٰنِ الرَّحِيۡمِۙ۔

प्राणियों से प्राप्त हलाल खाद्य।

पवित्र जीवित प्राणियों से प्राप्त हलाल खाद्य उत्पाद—जैसे दूध, अंडे और शहद—मूल रूप से शुद्ध और हलाल आहार होते हैं। हालाँकि: उन्ही पवित्र जीवित प्राणियों से प्राप्त मांस: तब तक शुद्ध और हलाल नहीं माना जाता, जब तक कि उस प्राणी को अल्लाह तआला द्वारा बताए गए शरिया नियमों के अनुसार ज़बह न किया जाए। अगर ज़बह करते समय इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो उन पवित्र जानवरों और पक्षियों का मांस भी अशुद्ध और हराम हो जाता है।

अल्लाह फरमाते हैं: धरती पर जो पवित्र और पोष्टिक पैदा किया गया है, उसको खाओ। और अल्लाह का शुक्र अदा करो। और अपवित्र या अशुद्ध चीज़ें खाकर शैतान के नक्शे कदम पर मत चलो। बेशक, वह तुम्हारा सच्चा दुश्मन है।

وَاِنَّ لَـكُمۡ فِى الۡاَنۡعَامِ لَعِبۡرَةً‌   ؕ نُسۡقِيۡكُمۡ مِّمَّا فِىۡ بُطُوۡنِهَا وَلَـكُمۡ فِيۡهَا مَنَافِعُ كَثِيۡرَةٌ وَّمِنۡهَا تَاۡكُلُوۡنَ ۙ‏ ﴿۲۱﴾

Q-23:21

और बेशक! पशुओं में तुम्हारे लिए एक ईबरत (सबक) है। हम तुम्हें उनके पेट से (दूध) पिलाते हैं, और उनमें तुम्हारे लिए अनगिनत लाभ हैं, और तुम उनसे खाते हो।

وَاَوۡحٰى رَبُّكَ اِلَى النَّحۡلِ اَنِ اتَّخِذِىۡ مِنَ الۡجِبَالِ بُيُوۡتًا وَّمِنَ الشَّجَرِ وَمِمَّا يَعۡرِشُوۡنَۙ‏ ﴿۶۸﴾ ثُمَّ كُلِىۡ مِنۡ كُلِّ الثَّمَرٰتِ فَاسۡلُكِىۡ سُبُلَ رَبِّكِ ذُلُلًا‌ ؕ يَخۡرُجُ مِنۡۢ بُطُوۡنِهَا شَرَابٌ مُّخۡتَلِفٌ اَلۡوَانُهٗ فِيۡهِ شِفَآءٌ لِّلنَّاسِ‌ؕ اِنَّ فِىۡ ذٰ لِكَ لَاٰيَةً لِّقَوۡمٍ يَّتَفَكَّرُوۡنَ‏ ﴿۶۹﴾

Q-16:68-69

और आपके रब ने मधुमक्खी के मन मे यह समझ डाली कि! "पहाड़ों, पेड़ों और इंसानों द्वारा बनाई गई इमारतों में अपने लिए घर बनाओ।" (68) "फिर हर तरह के फल और फूल से रस चूसो और अपने रब के उन रास्तों पर चलो जो तुम्हारे लिए आसान बना दिए गए हैं।" उनके पेट से अलग-अलग रंगों का एक पेय (रस) निकलता है, जिसमें लोगों के लिए शिफ़ा (बीमारी से आराम) होती है। सचमुच, इसमें उन लोगों के लिए एक निशानी है जो सोच-विचार करते हैं। (69)

فَـكُلُوۡا مِمَّا ذُكِرَ اسۡمُ اللّٰهِ عَلَيۡهِ اِنۡ كُنۡتُمۡ بِاٰيٰتِهٖ مُؤۡمِنِيۡنَ‏ ﴿۱۱۸﴾

Q-06:118

अत: यदि तुम अल्लाह की आयतों पर विश्वास रखते हो, तो उस (ज़बीहा) मे से खाओ जिस पर अल्लाह का नाम (बिस्मिल्लाह) लिया गया हो।

یٰۤاَیُّہَا الَّذِیۡنَ اٰمَنُوۡا کُلُوۡا مِنۡ طَیِّبٰتِ مَا رَزَقۡنٰکُمۡ وَاشۡکُرُوۡا لِلّٰہِ اِنۡ کُنۡتُمۡ اِیَّاہُ تَعۡبُدُوۡنَ ﴿۱۷۲﴾

Q-02:172

ऐ ईमान वालो! अल्लाह ने तुम्हें जो पवित्र व पोष्टिक चीज़ें दी हैं, उन्हें खाओ और अल्लाह का शुक्र अदा करो, यदि तुम उसी की ईबादत करते हो।

يٰٓاَيُّهَا النَّاسُ كُلُوۡا مِمَّا فِى الۡاَرۡضِ حَلٰلًا طَيِّبًا وَّلَا تَتَّبِعُوۡا خُطُوٰتِ الشَّيۡطٰنِؕ اِنَّهٗ لَـكُمۡ عَدُوٌّ مُّبِيۡنٌ‏ ﴿۱۶۸﴾

Q-02:168

हे लोगो! पृथ्वी पर जो कुछ हलाल और पोष्टिक है, उसे खाओ और शैतान के पदचिह्नों का अनुसरण मत करो। वह तुम्हारा खुला शत्रु है।

वध करने की विधि।

निस्संदेह, खुदा ने इंसानों के लिए जीवित प्राणियों में अनेक पोषण संबंधी लाभ प्रदान किए हैं। मगर मोमीनों पर यह फ़र्ज़ (अनिवार्य) किया गया है कि: केवल उन्हीं पाक पशुओं और पक्षियों का सेवन किया जाना चाहिए जिन्हें अल्लाह के नाम: बिस्मिल्लाह, अल्लाहु अकबर के साथ ज़बह किया गया हो। ["بِسم ﷲ ﷲ اکبر"]

इस्लाम में पशुओं को ज़बह करने का तरीका महज एक रस्म या समारोह नहीं है, बल्कि एक समझदारी भरा, स्वास्थ्यवर्धक और सामाजिक रूप से फायदेमंद तरीक़ा है। यह शरीयत का एक अनमोल उपहार है जिसमें मानव स्वास्थ्य, सामाजिक संतुलन और नैतिक मूल्यों की रक्षा के गहरे रहस्य छिपे हैं।

इस्लामी विधि से वध: "बिस्मिल्लाह, अल्लाहु अकबर कहते हुए गला, ग्रासनली और महाधमनी काटी जाती है। इस प्रक्रिया से जानवर के शरीर से अधिकांश रक्त निकल जाता है। रक्त में यूरिया, जीवाणु और अन्य विषैले पदार्थ होते हैं जो मांस को खराब कर सकते हैं। आधुनिक विज्ञान ने सिद्ध किया है कि यह विधि मांस को अधिक सुरक्षित और स्वादिष्ट बनाती है।"

वध करते समय "बिस्मिल्लाह, अल्लाहु अकबर" का पाठ करना इस बात का संकेत है कि यह कार्य अल्लाह के आदेश से किया जा रहा है, न कि रक्तपात या क्रूरता की भावना से।

समुद्री जीवों के लिए शरिया वध करना आवश्यक नहीं है, बल्कि पकड़े जाने या मरने पर वे हलाल हो जाते हैं। अर्थात्, वे अपने मूल रूप में ही हलाल होते हैं, जैसे दूध, अंडा और शहद। अल्लाह सर्वशक्तिमान समुद्री जीवों को जीवित प्राणी नहीं, बल्कि “ताजा मांस” कहा है। भूमि पर शिकार करने के विपरीत, इहराम की अवस्था में समुद्री जीवों का शिकार करना और उन्हें खाना जायज़ है। यह आयत इस बात को और भी पुष्ट करती है! कि समुद्री जीवों के लिए वध, यानी रक्तपात, आवश्यक नहीं है।

فَـكُلُوۡا مِمَّا ذُكِرَ اسۡمُ اللّٰهِ عَلَيۡهِ اِنۡ كُنۡتُمۡ بِاٰيٰتِهٖ مُؤۡمِنِيۡنَ‏ ﴿۱۱۸﴾

Q-06:118

अत: यदि तुम अल्लाह की आयतों में विश्वास रखते हो, तो उस वस्तु को खाओ जिस पर अल्लाह का नाम लिया गया हो।

وَهُوَ الَّذِىۡ سَخَّرَ الۡبَحۡرَ لِتَاۡكُلُوۡا مِنۡهُ لَحۡمًا طَرِيًّا وَّتَسۡتَخۡرِجُوۡا مِنۡهُ حِلۡيَةً تَلۡبَسُوۡنَهَا‌ۚ (۱۴)

Q-16:14

और उसी ने समुद्र को अपने अधीन किया हुआ है ताकि तुम उससे ताजा मांस खा सको और उससे आभूषण ले सको जिन्हें तुम पहनते हो।

اُحِلَّ لَـكُمۡ صَيۡدُ الۡبَحۡرِ وَطَعَامُهٗ مَتَاعًا لَّـكُمۡ وَلِلسَّيَّارَةِ‌ ۚ وَحُرِّمَ عَلَيۡكُمۡ صَيۡدُ الۡبَـرِّ مَا دُمۡتُمۡ حُرُمًا‌ ؕ وَاتَّقُوا اللّٰهَ الَّذِىۡۤ اِلَيۡهِ تُحۡشَرُوۡنَ‏ ﴿٩٦﴾

Q-05:96

समुद्र का शिकार और उसका भोजन आपके लिए हलाल है, यह आपके और यात्रियों के लिए लाभकारी है, परन्तु भूमि का शिकार आपके लिए निषिद्ध है, जब तक आप इहराम की अवस्था में हैं।

पवित्र पशुधन, पक्षी और जलीय जीव।

पशुधन: पवित्र और पोष्टिक भोजन के सिद्धांत के अनुसार, सभी शाकाहारी जानवर हलाल हैं। अथार्थ घास फूँस और भूसा खाने वाले जानवर पवित्र और हलाल हैं।

पक्षी: पवित्र और पोष्टिक भोजन के सिद्धांत के अनुसार, जो पक्षी पौधों के बीज, फल व अनाज खाते है, या छोटे कीड़े मकोड़े और दीमक को जमीन से अनाज की तरह चुनकर खाते हैं, वे हलाल हैं, बशर्ते कि वे शिकारी न हों।

समुद्री या जलीय: हालांकि समुद्री जानवर मांसाहारी होते हैं, लेकिन मछली या ऐसे जानवर जो अपने शिकार को टुकड़ों में नहीं फाड़ते बल्कि उसे पूरा निगल जाते हैं, आमतौर पर हलाल होते हैं।

قُل لَّاۤ اَجِدُ فِىۡ مَاۤ اُوۡحِىَ اِلَىَّ مُحَرَّمًا عَلٰى طَاعِمٍ يَّطۡعَمُهٗۤ اِلَّاۤ اَنۡ يَّكُوۡنَ مَيۡتَةً اَوۡ دَمًا مَّسۡفُوۡحًا اَوۡ لَحۡمَ خِنۡزِيۡرٍ فَاِنَّهٗ رِجۡسٌ اَوۡ فِسۡقًا اُهِلَّ لِغَيۡرِ اللّٰهِ بِهٖ‌‌ۚ ﴿۱۴۵﴾

Q-06:145

हे पैग़ंबर कहो! मुझे जो कुछ भी वहई किया गया है, उसमें मुझे खाने के लिए कुछ भी हराम नहीं लगता, सिवाय मुर्दा मांस, बहाया हुआ खून, सूअर का मांस (क्योंकि वह अपवित्र है) या वह जिस पर ज़बह करते वक्त अल्लाह के सिवा किसी और का नाम लिया गया हो।

1. घरेलू पशुपालन वैध (हलाल) है।

पालतू जानवरों में ऊँट, गाय, भैंस, भेड़, बकरी, खरगोश और घोड़े एंवम वोह गधे या खच्चर भी जिनका इस्तेमाल गंदगी ढोने के लिए न किया गया हो, आमतौर पर हलाल माने जाते हैं।

पक्षियों की बात करें तो कबूतर, तीतर, बटेर, मुर्गे-मुर्गियां, बत्तख और इसी तरह के अन्य पक्षी हलाल हैं, बशर्ते वे शिकारी पक्षी न हों। हालांकि इनमें से कुछ पक्षी चींटियों और दीमकों जैसे छोटे कीड़े-मकोड़े खाते हैं, फिर भी उन्हें हलाल माना जाता है क्योंकि उनकी प्रकृति शिकारी की नहीं होती; उनकी चोंच और पंजे शिकार पर झपटने या उसे फाड़ने के लिए उपयुक्त नहीं होते, और वे आम तौर पर गंदगी या सड़ी-गली लाशें नहीं खाते हैं।

اُحِلَّتۡ لَـكُمۡ بَهِيۡمَةُ الۡاَنۡعَامِ اِلَّا مَا یُتۡلٰی عَلَیۡکُمۡؕ ﴿۱﴾

Q-05:01

तुम्हारे लिए मवेशी हलाल हैं, सिवाय उसके जो तुमपर पढ़ा गया। (अर्थात जो हराम लिख दिया है)।

وَمِنَ الۡاَنۡعَامِ حَمُوۡلَةً وَّفَرۡشًا‌ ؕ كُلُوۡا مِمَّا رَزَقَكُمُ اللّٰهُ وَلَا تَتَّبِعُوۡا خُطُوٰتِ الشَّيۡطٰنِ‌ ؕ اِنَّهٗ لَـكُمۡ عَدُوٌّ مُّبِيۡنٌ ۙ‏ ﴿۱۴۲﴾

Q-06:142

और मवेशियों में से बोझ ढोने वाले (ऊंट, गाय, भैंस, घोड़ा आदि) और ज़मीन पर फैले हुए (भेड़, बकरी, मुर्गी, बत्तख आदि) भी हैं। अतः अल्लाह ने तुम्हें जो कुछ दिया है, उसे खाओ और शैतान के पदचिह्नों का अनुसरण न करो। बेशक वह तुम्हारा खुला दुश्मन है।

وَظَلَّلۡنَا عَلَيۡکُمُ الۡغَمَامَ وَاَنۡزَلۡنَا عَلَيۡكُمُ الۡمَنَّ وَالسَّلۡوٰى‌ؕ كُلُوۡا مِنۡ طَيِّبٰتِ مَا رَزَقۡنٰكُمۡ‌ؕ ﴿۵۷﴾

Q-02:57

और हमने तुम पर बादलों की छाया की और तुम पर 'मन्न' और 'सलवा' (बटेर) उतारे:"अत: जो पवित्र चीज़ें हमने तुम्हें दी हैं, उन मे से खाओ।"

2. जंगल का शिकार हलाल (वैध)।

शिकारी जानवरों और गंदगी खाने वाले जानवरों को छोड़कर अन्य वनस्पति खाने वाले जानवरों का शिकार करना हलाल है। हालांकि, शर्त यह है कि शिकार जानवर के मरने से पहले उसको अल्लाह के नाम पर ज़िबह (वध) किया जाए। यदि शिकार किया गया जानवर ज़िबह से पहले मर जाता है, तो उसे मुरदार (मृत) माना जाता है, और मृत जानवर हलाल (वैध) नहीं है।

इसी प्रकार, यदि कोई हिंसक जानवर किसी पवित्र जानवर को घायल कर दे और उसके मरने से पहले अल्लाह के नाम पर उसको ज़िबह कर लिया जाए, तो उसे खाना जायज़ है। अल्लाह ने इहराम की अवस्था में ज़मीन पर शिकार करना हराम फरमाया है।

اُحِلَّتۡ لَـكُمۡ بَهِيۡمَةُ الۡاَنۡعَامِ اِلَّا مَا يُتۡلٰى عَلَيۡكُمۡ غَيۡرَ مُحِلِّى الصَّيۡدِ وَاَنۡـتُمۡ حُرُمٌ‌ ؕ اِنَّ اللّٰهَ يَحۡكُمُ مَا يُرِيۡدُ‏ ﴿۱﴾

Q-05:01

तुम्हारे लिए मवेशियों का शिकार करना जायज़ कर दिया गया है, सिवाय उनके जिनका ज़िक्र तुम पर किया गया है। लेकिन इहराम की हालत में शिकार करना जायज़ मत समझो। बेशक, अल्लाह जो चाहता है वही हुक्म देता है।

وَمَاۤ اَكَلَ السَّبُعُ اِلَّا مَا ذَكَّيۡتُم ؕ فَاِنَّ اللّٰهَ غَفُوۡرٌ رَّحِيۡمٌ‏‏ ﴿۳﴾

Q-05:03

और जंगली जानवरों द्वारा खाया गया मांस हराम है, सिवाय उसके जिसे तुमने स्वयं ज़बह कर लिया हो। निःसंदेह, अल्लाह माफ करने वाला और रहम करने वाला है।

وَحُرِّمَ عَلَيۡكُمۡ صَيۡدُ الۡبَـرِّ مَا دُمۡتُمۡ حُرُمًا‌ ؕ ﴿۹۶﴾

Q-05:96

और इहराम की अवस्था में रहते हुए तुम्हारे लिए भूमि पर शिकार करना हराम (वर्जित) है।

3. जंगली पक्षियों का शिकार हलाल।

जिन पवित्र पक्षियों का मांस खाना हलाल है उनका शिकार भी हलाल है। लेकिन शिकार पक्षी के मरने से पहले उसे शरीयत के बताए तरीके से ज़बह किया जाना अनिवार्य है।

अगर शिकार किया गया पक्षी ज़बह होने से पहले ही मर जाता है, तो उसे 'मुर्दार' (मरा हुआ जानवर) माना जाता है, और मुर्दार खाना जायज़ नहीं है। इसी तरह, अगर कोई शिकारी जानवर या पक्षी किसी ऐसे पक्षी को घायल कर दे जिसका मांस खाना जायज़ है, और यदि उसके मरने से पहले उसे अल्लाह के नाम पर ज़बह कर दिया जाए, तो वह खाने के लिए जायज़ हो जाता है।

बुनियादी नियम: अल्लाह तआला ने सभी पवित्र जानवरों और पक्षियों को चाहे वे पालतू हों या जंगली — “हलाल” (जायज़) करार दिया है; हालाँकि, उसने यह भी साफ़ किया कि बनी-इसराईल (इसराईल As की संतान) की नाफ़रमानी की वजह से, कुछ अच्छी चीज़ें उनके लिए हराम (वर्जित) कर दी गई थीं—जिनमें पंजे वाले कुछ जानवर और पक्षी शामिल थे। फिर भी, अपनी मेहरबानी से, अल्लाह तआला ने मुहम्मद (सल्ल.) की उम्मत के लिए उन अच्छी चीज़ों को एक बार फिर जायज़ कर दिया है।

قُل لَّاۤ اَجِدُ فِىۡ مَاۤ اُوۡحِىَ اِلَىَّ مُحَرَّمًا عَلٰى طَاعِمٍ يَّطۡعَمُهٗۤ اِلَّاۤ اَنۡ يَّكُوۡنَ مَيۡتَةً اَوۡ دَمًا مَّسۡفُوۡحًا اَوۡ لَحۡمَ خِنۡزِيۡرٍ فَاِنَّهٗ رِجۡسٌ اَوۡ فِسۡقًا اُهِلَّ لِغَيۡرِ اللّٰهِ بِهٖ‌‌ۚ ﴿۱۴۵﴾

Q-06:145

(हे पैगंबर) कहिए: जो कुछ मुझ पर नाज़िल हुआ है, उसमें मुझे खाने की इच्छा रखने वाले के लिए कुछ भी हराम नहीं लगता, सिवाय मुर्दा जानवर, बहा हुआ खून, सूअर का मांस—क्योंकि यह अपवित्र है—या अल्लाह के सिवा किसी और के नाम पर ज़बह किया गया जानवर।

وَظَلَّلۡنَا عَلَيۡکُمُ الۡغَمَامَ وَاَنۡزَلۡنَا عَلَيۡكُمُ الۡمَنَّ وَالسَّلۡوٰى‌ؕ كُلُوۡا مِنۡ طَيِّبٰتِ مَا رَزَقۡنٰكُمۡ‌ؕ ﴿۵۷﴾

Q-02:57

और हमने तुम्हें बादलों से छाया दी और तुम्हारे लिए मन्ना और सलवा (बटेर) उतारे: "उन पवित्र चीजों को खाओ जो हमने तुम्हें प्रदान की हैं।"

فَبِظُلۡمٍ مِّنَ الَّذِيۡنَ هَادُوۡا حَرَّمۡنَا عَلَيۡهِمۡ طَيِّبٰتٍ اُحِلَّتۡ لَهُمۡ وَبِصَدِّهِمۡ عَنۡ سَبِيۡلِ اللّٰهِ كَثِيۡرًا ۙ‏ ﴿۱۶۰﴾

Q-04:160

इन यहूदियों के कुकर्म के कारण, हमने उनके लिए बहुत सी ऐसी पवित्र चीज़ों को वर्जित कर दिया जो पहले उनके लिए वैध थीं, क्योंकि उन्होंने बहुत से लोगों को अल्लाह के मार्ग से रोका था।

وَعَلَى الَّذِيۡنَ هَادُوۡا حَرَّمۡنَا كُلَّ ذِىۡ ظُفُرٍ‌‌ ۚ‏ ﴿۱۴۶﴾

Q-06:146

और हमने यहूदियों के लिए पंजे वाले सभी जानवरों या पक्षियों को हराम कर दिया था।

4. समुद्र में शिकार करना हलाल।

समुद्र से प्राप्त शुद्ध मछलियाँ हलाल हैं। जबकि जहरीली और शिकारी मछलियाँ और जानवर जैसे शार्क और मगरमच्छ हराम हैं।

मछलियों के अलावा अन्य जलीय जीवों जैसे झींगा, केकड़े, कछुए आदि के बारे में विद्वानों में मतभेद है। अल्लाह कुरान में फरमाते हैं:

"समुद्री शिकार और उसका भोजन तुम्हारे लिए हलाल (वैध) कर दिया गया है, ताकि तुम उससे ताजा मांस खा सको।"

अल्लाह ने स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि मछली खाओ और केकड़े, झींगे, कछुए आदि से परहेज करो। बल्कि अल्लाह कहता है: "हे लोगो! धरती पर जो अच्छी और पाक चीज़ें हैं, उन्हें खाओ।" इसलिए, यदि तुम्हारा हृदय गवाही देता है कि केकड़े, झींगे, कछुए आदि पाक हैं, तो उन्हें खाओ; अन्यथा, उन्हें मत खाओ।

وَهُوَ الَّذِىۡ سَخَّرَ الۡبَحۡرَ لِتَاۡكُلُوۡا مِنۡهُ لَحۡمًا طَرِيًّا وَّتَسۡتَخۡرِجُوۡا مِنۡهُ حِلۡيَةً تَلۡبَسُوۡنَهَا‌ۚ (۱۴)

Q-16:14

और वही है जिसने समुद्र को वश में किया हुआ है, ताकि तुम उससे ताजा मांस खा सको और उससे वे आभूषण ले सको जिन्हें तुम पहनते हो।

اُحِلَّ لَـكُمۡ صَيۡدُ الۡبَحۡرِ وَطَعَامُهٗ مَتَاعًا لَّـكُمۡ وَلِلسَّيَّارَةِ‌ ۚ وَحُرِّمَ عَلَيۡكُمۡ صَيۡدُ الۡبَـرِّ مَا دُمۡتُمۡ حُرُمًا‌ ؕ وَاتَّقُوا اللّٰهَ الَّذِىۡۤ اِلَيۡهِ تُحۡشَرُوۡنَ‏ ﴿٩٦﴾

Q-05:96

समुद्र के जानवरों का शिकार करना और उनका भोजन करना तुम्हारे और यात्रियों के लिए हलाल कर दिया गया। परन्तु भूमि के जानवरों का शिकार करना तुम्हारे लिए हराम (वर्जित) है, जब तक तुम इहराम की अवस्था में हो।

یٰۤاَیُّہَا الَّذِیۡنَ اٰمَنُوۡا کُلُوۡا مِنۡ طَیِّبٰتِ مَا رَزَقۡنٰکُمۡ وَاشۡکُرُوۡا لِلّٰہِ اِنۡ کُنۡتُمۡ اِیَّاہُ تَعۡبُدُوۡنَ ﴿۱۷۲﴾

Q-02:172

ऐ ईमान वालो! अल्लाह ने तुम्हें जो पवित्र चीज़ें दी हैं, उन्हें खाओ और अल्लाह का शुक्र अदा करो, यदि तुम उस की ईबादत करते हो।

5. प्रशिक्षित शिकारी जानवरों के साथ शिकार करना हलाल है।

कुछ शिकारी जानवर—जैसे कुत्ते, बाज़ और चील—मनुष्यों द्वारा पालतू बनाए जाते हैं और उन्हें अपने काम के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यदि उन्हें खुदा द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाता है, तो उनके द्वारा लाया गया शिकार निम्नलिखित शर्तों के अधीन हलाल होता है:

 वे मालिक के आदेश पर शिकार पकड़ते हों, न कि स्वंम की भूख मिटाने के लिए।

 वे शिकार को फाड़ते या मारते नहीं हों। अथार्थ शिकार पर जुल्म कर मार न डालें।

 शिकार को मरने से पहले ही अल्लाह का नाम लेते हुए ज़बह किया जाए: “बिस्मिल्लाह, अल्लाहु अकबर।”

 अगर शिकार जलीय है तो वह मरने पर भी हलाल है।

इन शर्तों के पूरा होने पर, प्रशिक्षित जानवरों द्वारा लाया गया शिकार जायज़ है।

يَسۡـَٔـــلُوۡنَكَ مَاذَاۤ اُحِلَّ لَهُمۡ‌ؕ قُلۡ اُحِلَّ لَـكُمُ الطَّيِّبٰتُ‌ ۙ وَمَا عَلَّمۡتُمۡ مِّنَ الۡجَـوَارِحِ مُكَلِّبِيۡنَ تُعَلِّمُوۡنَهُنَّ مِمَّا عَلَّمَكُمُ اللّٰهُ‌ فَكُلُوۡا مِمَّاۤ اَمۡسَكۡنَ عَلَيۡكُمۡ وَاذۡكُرُوا اسۡمَ اللّٰهِ عَلَيۡهِ‌ ؗ وَاتَّقُوا اللّٰهَ‌ ؕ اِنَّ اللّٰهَ سَرِيۡعُ الۡحِسَابِ‏ ﴿۴﴾

Q-05:04

वे तुमसे पूछते हैं, "उनके लिए क्या हलाल है? आप कहो, तुम्हारे लिए तमाम पवित्र चीज़ें और वोह चीज़े भी हलाल हैं, जो तुम्हारे प्रशिक्षित शिकारी जानवर लाते हैं। जिन्हें तुमने उस तरह प्रशिक्षित किया है, जिस तरह खुदा ने तुम्हें प्रशिक्षित किया है। इसलिए जो कुछ वे तुम्हारे लिए पकड़ते हैं, उसे खाओ और (ज़बह के वक़्त) उस पर अल्लाह का नाम लो और अल्लाह से डरो। बेशक, अल्लाह हिसाब लेने में बहुत तेज़ है।"

वैध भोजन में दोष ढूंढना।

खुदा फरमाता है कि! जिस पवित्र पशु पर ज़िबह करते समय खुदा का नाम लिया गया हो, वह हलाल है, चाहे वह बड़ा बोझ ढोने वाला पशु हो या छोटा, ज़मीन से लगा हुआ पशु। इसलिए ईश्वर की कृपा में दोष न निकालें। क्योंकि ईश्वर के प्रति नाशुक्री शैतान का मार्ग है।

अक्सर देखा जाता है कि कुछ अहंकारी लोग सस्ते दाम पर मिलने वाले मांस को तुच्छ समझते हैं। अल्लाह सभी मोमीनों को हलाल जीविका का अपमान करने से बचाए। आमीन।

وَمَا لَکُمۡ اَلَّا تَاۡکُلُوۡا مِمَّا ذُکِرَ اسۡمُ اللّٰہِ عَلَیۡہِ وَقَدۡ فَصَّلَ لَکُمۡ مَّا حَرَّمَ عَلَیۡکُمۡ اِلَّا مَا اضۡطُرِرۡتُمۡ اِلَیۡہِؕ وَاِنَّ کَثِیۡرًا لَّیُضِلُّوۡنَ بِاَہۡوَآئِہِمۡ بِغَیۡرِ عِلۡمٍؕ اِنَّ رَبَّکَ ہُوَ اَعۡلَمُ بِالۡمُعۡتَدِیۡنَ ﴿۱۱۹﴾

Q-06:119

और तुम्हें क्या हुआ है कि तुम उस चीज़ को नहीं खाते जिस पर अल्लाह का नाम लिया गया हो, जबकि उसने तुम्हें स्पष्ट रूप से बता दिया है कि उसने तुम्हें क्या मना किया है, सिवाय इसके कि तुम मजबूर हो। और वास्तव में, बहुत से लोग अपनी इच्छाओं के अनुसार अज्ञानतापूर्वक लोगों को गुमराह करते हैं। तुम्हारा रब गुनाहगारों को भली-भांति जानता है।

وَمِنَ الۡاَنۡعَامِ حَمُوۡلَةً وَّفَرۡشًا‌ ؕ كُلُوۡا مِمَّا رَزَقَكُمُ اللّٰهُ وَلَا تَتَّبِعُوۡا خُطُوٰتِ الشَّيۡطٰنِ‌ ؕ اِنَّهٗ لَـكُمۡ عَدُوٌّ مُّبِيۡنٌ ۙ‏ ﴿۱۴۲﴾

Q-06:142

और मवेशियों में से बोझ ढोने वाले (ऊंट, गाय, भैंस, घोड़ा आदि) और ज़मीन पर फैले हुए (भेड़, बकरी, मुर्गी, बत्तख आदि) भी हैं। अतः अल्लाह ने तुम्हें जो कुछ दिया है, उसे खाओ और शैतान के पदचिह्नों का अनुसरण न करो। बेशक वह तुम्हारा खुला दुश्मन है।

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